Palitana 5 Chaityavandan In Hindi Full [cracked] -

मैं अरिहंत (तीर्थंकर) को नमस्कार करता हूँ, मैं सिद्ध (मुक्त आत्माओं) को नमस्कार करता हूँ, मैं आचार्य को नमस्कार करता हूँ, मैं उपाध्याय को नमस्कार करता हूँ, मैं संसार के समस्त साधुओं को नमस्कार करता हूँ।

"आदिदेव अलवेसरु, विनितानो राय; नाभिराया कुल मंडणो, मरुदेवा माय।" palitana 5 chaityavandan in hindi full

यहाँ पर पालीताना तीर्थ पर कहे जाने वाले पाँच चैत्यवंदन के मूल मंत्र दिए जा रहे हैं। इन्हें क्रमशः सुबह-शाम या पहाड़ी पर चढ़ते समय पढ़ना चाहिए। नाभिराया कुल मंडणो

श्री सिद्धचल मंडन, ऋषभ जिणंद दयाले,करुणा सागर, जग-उद्धारण, भविजन सुख विशाले।विनीता नगरीना राया, मरुदेवा माताना नंदन,शत्रुंजय गिरिराज विराजे, वंदूं वारंवार। ऋषभ जिणंद दयाले

- प्रथम चैत्यवंदन

1. जय तलेटी (Jay Taleti) - पहली चैत्यवंदन

2. द्वितीय चैत्यवंदन: श्री शांतिनाथ भगवान (Shantinath Bhagwan)