सहीफा-ए-सज्जादिया के रचनाकार इमाम अली इब्न अल-हुसैन (इमाम सज्जाद) हैं, जो इमाम हुसैन के पुत्र और पैगंबर मुहम्मद के पोते हैं। इमाम सज्जाद का जीवन कर्बला की त्रासदी के बाद के दौर से जुड़ा है। कर्बला के अत्याचारों के बाद, जब इमाम को कुफा और शाम (डमास्कस) की जेलों में बंदी बनाया गया था, उस समय उन्होंने अल्लाह से संवाद स्थापित करने के लिए इन दुआओं की रचना की। 'सज्जाद' शब्द 'सिज्दा' (दंडवत) से बना है, जिसका अर्थ है 'बहुत अधिक सिज्दा करने वाला'। इस ग्रं
संघर्ष और शोक: करबला की विपदा के बाद, इमाम ने खुलकर राजनीतिक लड़ाई न करते हुए लोगों के हृदयों को बदलने के लिए दुआ और शिक्षा को अपनाया। उनकी विधियों में कठोरता नहीं, पर गहरे आत्मिक अर्थ थे। sahifa e sajjadia in hindi pdf
